मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें यह स्मृति चिह्न भेंट किया। मूल रूप से पौड़ी जिले के कोटद्वार की रहने वाली कंचन ने इसे तैयार किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें यह स्मृति चिह्न भेंट किया। मूल रूप से पौड़ी जिले के कोटद्वार की रहने वाली कंचन ने बताया कि इस स्मृति चिह्न को तैयार करने में कई महीनों तक लगातार मेहनत की। पारंपरिक कला और स्थानीय संस्कृति को समाहित करते हुए इसे विशेष रूप दिया जिसमें नंदा देवी राजजात की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। कहा कि नंदा देवी राजजात उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक है और इससे जुड़े प्रतीकों का विशेष महत्व है।
पीएम मोदी को पहले भी भाए हैं लाटी के कार्टून
लाटी किरदार से चर्चा में आईं कंचन का कार्टून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले भी पसंद आया था। कंचन के उत्तराखंड के लोकपर्व पर बनाए कार्टून को पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा भी किया था। लाटी अपनी कला से उत्तराखंड की संस्कृति से लोगों को रूबरू करा रही हैं। इसके अलावा वह पहाड़ी कार्टून, चित्र और गुदगुदाती पंचलाइन भी लिखती हैं।
कैप्टन कूल धोनी भी बोले थे पार्सल करो कार्टून
साल 2023 में उत्तराखंड प्रवास पर आए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी लाटी के कार्टून पसंद आए थे। कैप्टन कूल ने वीडियो कॉल पर कंचन से बात करते हुए कहा था यह सभी कार्टून पार्सल कर दो बहुत सुंदर हैं। धोनी ने उन्हें अपने दिल्ली आवास का पता भी दिया था और कहा था कि तुम्हारी पंचलाइन गांव के दिनों की याद दिलाती हैं।

